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पृथ्वी मित्रता सेवा -भाव आत्माअमरहै जड़-चेतन परहित भाव गीताताईकेदारे प्रकृति सेविका प्रेमनश्वरनाखूबसूरतीनश्वर आपल्यालाकितीहीमानसशास्त्राचाअभ्यासअसला सबके दुःख भावशून्य अपनेपन के भाव से गुणहीन बिना रक्त संबंध ग़मों से दूर वश में सघन तिमिर बहार

Hindi भाव से भगवान। Quotes