STORYMIRROR

वेदना निजता भाव स्वार्थी भावनाओं से प्यार-खुशी स्वार्थ का भाव निभाते मित्र आज का भगवान दुरभाव माँ से जीवन सम भाव गीताताईकेदारे सेव्य में भाव विभोर निस्वार्थ भाव सेवा -भाव सहयोग परस्पर निर्भर चूमना माँ की परिवरिश प्रेमहिईश्वरहै

Hindi भाव से भगवान। Quotes